Facebook का इतिहास

Facebook History )

मार्क ज़ुकेरबर्ग एक कंप्यूटर प्रोग्रामिंग करने वाले हावर्ड यूनिवर्सिटी के एक फ्रेशर स्टूडेंट थे | एक बच्चे की तरह दिखने वाले मार्क अरबपति होने के साथ ही साथ अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा के करीब भी थे और ये ही मार्क जुकेरबर्ग है, Facebook के संस्थापक |



आज भी ऐसा लगता है की Facebook बहुत ही कम समय मे और दूसरों की उम्मीद से भी कही ज्यादा तेजी से फैला | इसके फैलने के साथ ही साथ मार्क को इसे आगे बढ़ाने के लिए बहुत सी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा | साथ ही साथ कड़वी लड़ाई और कई मुकदमो का भी सामना करना पड़ा | अवार्ड विजेता फिल्म “द सोशल नेटवर्क”(2010) ने भी उनके कार्य और व्यक्तिव को फिल्म मे दिखाया गया पर इसमे कितनी सच्चाई है ? यह बताना मुश्किल है | 

   
2005 मे 19 वर्ष की उम्र मे मार्क ने Facebook बनाया था और इतनी कम उम्र मे वे आज 70 बिलियन से भी ज्यादा की कंपनी के CEO है |


आज Facebook अपने से बडे और बराबर के प्रतिस्पर्धी को कड़ी चुनौती दे रहा है |


मार्क ज़ुकेरबर्ग का जन्म 14 मई 1984 को Dobbs Ferry मे हुआ, जो न्यूयार्क शहर के उत्तर मे स्थित है| डेविड किर्कपैट्रिक की किताब “The Facebook Effect” के अनुसार वह एक लौते बेटे है और उनकी तीन बहने है इसलिए वह सभी के लाडले है |


मार्क ज़ुकेरबर्ग ने बचपन से ही कम्प्युटर भाषा C++ का अध्ययन शुरू कर दिया था और इतनी कम उम्र मे ही उन्होने बोर्ड गेम “RISK” का डीजीटल वर्जन बनाया |


पत्रकार जोन्स एंटोरनियों वरगास के अनुसार मार्क ने अपने परिवार के लिए Internal Message Application बनाया जिसमे एक कम्प्युटर से दूसरे कम्प्युटर मे बात की जा सकती थी |


मार्क अपने स्थानीय हाई स्कूल की पढ़ाई से थककर और अधिक सीखने के लिए एक्ससेटर प्रेप एडवांस स्कूल जाने का फैसला किया | वहा मार्क ज़ुकेरबर्ग और उनके मित्र एडम डी एंजेलो ने मिलकर एक म्युजिक ऐप बनाई जिसका नाम था “Synapse|


Microsoft और AOL दोनों ने Synapse को खरीदने के लिए जुकरबर्ग से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया और ऐप को मुफ्त में ऑनलाइन पोस्ट किया। उन्होंने दो कॉर्पोरेट दिग्गजों के अवसर को भी ठुकरा दिया और 2002 मे हावर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया।


हावर्ड यूनिवर्सिटी मे मार्क ने यूनिवर्सिटी के कम्प्युटर को हैक कर वहा पढ़ रहे सारे छात्रो के फोटो को लेकर एक Website बनाई, जहा दो लड़की या दो लड़को के फोटो को दिखाकर उसे Compare कर Rating देने को कहा गया और ये था “FaceMash


कुछ ही घंटो मे FaceMash के बारे मे पूरे हावर्ड यूनिवर्सिटी मे पता चल गया और सभी छात्रो ने इसमे Rating देना चालू कर दिया | नतीजा यह हुआ की हावर्ड यूनिवर्सिटी का कम्प्युटर(Server) मे बहुत ज्यादा Load होने से Crash हो गया और हावर्ड यूनिवर्सिटी ने FaceMash को बंद कर दिया | हावर्ड प्रशासन बोर्ड ने मार्क पर सुरक्षा उल्लघन करने का आरोप लगाया | लेकिन तब तक मार्क पूरे हावर्ड यूनिवर्सिटी मे प्रसिद्ध हो चुके थे | इसी क्रम मे एडवार्डो सॅवेरिन और मार्क एक अच्छे दोस्त बन गए और ये दोनों आगे जाकर बिजनस पार्टनर बने |


हावर्ड यूनिवर्सिटी मे FaceMash और मार्क के प्रसिद्ध होने के बाद हावर्ड के ओलंपिक रोवर्स जुड़वा भाई Tyler and Cameron Winklevos अपने साथी दिव्य नरेंद्र के साथ 2002 वर्ष के अंत मे एक Social Networking Site का विचार लेकर मार्क से मिले | जिसका नाम था “हावर्ड कनेकशन” |


हावर्ड कनेकशन बनाने के लिए उन्हे एक अनुभवी प्रोग्रामर की आवश्कता थी | मार्क इस काम के लिए बहुत ही उत्साहित थे और उन्होने इस कार्य के लिए हामी भर दी |


मार्क के द्वारा बहुत लंबे समय तक Winklevos और दिव्य नरेंद्र के साथ संपर्क न करने व हावर्ड कनेकशन पर चल रहे कार्य के बारे मे कुछ भी जानकारी नही दिया गया | Winklevos और दिव्य नरेंद्र के अनुसार हावर्ड कनेकशन के आधार पर ही Facebook बनाया गया है | पर इनमे कितनी सच्चाई है, ये बता पाना मुश्किल है |  


4 फरवरी 2004 को मार्क ज़ुकेरबर्ग के द्वारा बनाया गया Social Networking Site सामने आया,  जिसका नाम था “TheFacebook | Winklevos और दिव्य नरेंद्र के अनुसार Facebook के बारे मे वैसे ही पता चला, जैसे पूरे हावर्ड को एक दूसरे से पता चला | Facebook के प्रारम्भ होते ही वह विवादो मे घिर गया | Winklevos और दिव्य नरेंद्र ने एक धोखाधड़ी शिकायत पत्र के साथ मार्क को भेजा, जिसके जवाब मे मार्क ने कहा –“यह एक Separate Venture है, जिसमे आपके किसी भी कोड का इस्तमाल नही किया गया है“


Winklevos और दिव्य नरेंद्र ने Facebook के साथ 65 मिलियन डालर के समझौते के लिए कोर्ट गए लेकिन वो हार गए | लेकिन अब वो 200 मिलियन डालर का हो सकता है | इन चुनौतियो के बाद भी अब Facebook नही रूका और वो आगे ही बढ़ता गया |


इसके बाद मार्क हावर्ड यूनिवर्सिटी मे रहते हुए अपने रूम पार्टनर की मदद से Columbia, Stanford, Yale, Cornell, Dartmouth, UPenn, MIT, BU और NYU मे इसे लांच किया | और कुछ ही हफ़्तों मे इन सभी स्कूल से हजारो उपयोगकर्ता हो गए, जिन्होंने इसे बहुत पसंद भी किया | और देखते ही देखते ये सभी स्कूलो के छात्रों तक पहुच गया | 

       
मार्क और एडवार्डो ने बड़े पूंजीपतियों और विज्ञापनदाताओ के साथ मीटिंग शूरू कर दी | उनके पास कई विज्ञापनदाता आए और चले गए, पर एक रिकार्ड कंपनी ने दिलचस्पी लेना शुरू किया | Facebook को संगीत उद्योग से कुछ अच्छी इन्कम आना शुरू हो गई |


संगीत उद्योग से जुड़े हुए Sean Parker(सीन पार्कर) ने न्यूयार्क मे मार्क और एडवार्डो से एक मीटिंग की और मार्क उनके व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित हुए | 



मार्क के लिए सीन पार्कर एक रोल माडल था उसने नाम के आगे से The हटाने जा सुझाव दिया | एडवार्डो को वह कुछ ज्यादा पसंद नही आया |


2004 की गर्मियों मे मार्क, एडवार्डो सॅवेरिन के साथ हावर्ड छोड़ दिए और वह पालो आल्टो मे एक स्विमिंगपूल के साथ फ्रेम हाउस लेकर रहने लगे | वह सीन पार्कर के साथ फिर से जुड़ गए जो बाद मे मार्क उनका रूममेट बन गया |


सीन पार्कर वह था जिसने दिखाया की सिलिकान वैली मे कैसे काम की जाती है, निवेशको से कैसे मिलना चाहिए, उनके साथ कैसे बातचीत करनी चाहिए |


उस वर्ष के दिसंबर तक वैबसाइट बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा था और वह एक मिलियन सदस्य को पूरा कर रहा था | इस दौरान सीन पार्कर ने मार्क को एक सलाह दी की वह Facebook का संस्थापक बन जाए और वह खुद CEO |


एडवार्डो ईस्ट कोस्ट मे Facebook के व्यापार के लिए बने हुए थे और इस बीच मार्क और सीन पार्कर बड़े-बड़े पूंजीपतियों से मीटिंग कर रहे थे तथा अपने व्यापार प्रमुख एडवार्डो को वह नजर अंदाज करते जा रहे थे | सीन पार्कर से बदला लेने और ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए एडवार्डो ने बैंक खाते फ्रीज़ कर दिए | वही दूसरी तरफ मार्क और सीन, एडवार्डो के बिना कंपनी बनाने का तरीका निकालना शुरू कर दिए | इस तरह एडवार्डो एक गैर व्यक्ति बनकर रह गया |


Facebook के अब तक एक मिलियन सक्रिय उपयोगकर्ता कालेज और पूरे देश मे हो चुके थे | Facebook के CEO सीन पार्कर ने सिलिकान वैली के Peter Thiel से मिलाया, जिसने $ 500000 डालर का निवेश किया | सन 2005 मे Accel Partners ने $ 12.7 मिलियन डालर के साथ 11% हिस्सेदारी के साथ निवेश किया | वही Accel ने Facebook को $ 100 मिलियन डालर की उचाई तक पहुचा दिया |


चुकी Facebook की सार्वजनिक प्रोफाईल बढ़ी और सभी की नजर Facebook की तरफ होने लगी तो मार्क इसने सारा नियत्रण चाहते थे | लेकिन अगस्त 2005 मे सीन पार्कर को Facebook से बाहर निकाल दिया गया |


सीन पार्कर को कोकीन रखने और उसके ईस्तमाल करने के आरोप मे गिरफ्तार कर लिया गया था | लेकिन किसी भी आरोप के लिए आरोपित नही किया गया था | पर उन्हे Facebook के CEO के पद से तुरंत इस्तीफा देना पड़ा |


इस स्थिति को देखते हुए Chris Kerry को Former Chief Privacy Office बनाया गया और इसके साथ ही साथ कुछ नियम भी बनाए गए |


Facebook की तरफ से Facbook Hackaton का प्रोग्राम चलाया गया जहा सभी Developer मिलकर अपने विचार साझा करते और नए-नए प्रयोग करते थे और आने वाले अच्छे विचारो को ज़ुकेरबर्ग को दी जा रही थी |


इसका यह परिणाम निकला की अब लोग फोटो और खुद को पहचान सकेंगे और अपने दोस्तो को टैग कर पाएंगे | यह एक बहुत बड़ा परिवर्तन था, जिसके कारण यह और बड़े पैमाने पर नजर आने लगा और यह Facebook का मुख्य सुविधा बनकर सामने आई |  


दो साल से भी कम समय मे 5.5 मिलियन उपयोगकर्ताओ की तरफ Facebook का ग्राफ बढ़ता ही गया |


2006 मे मिडिया दिग्गजों मे एक और धमाका किया | Yahoo ने ज़ुकेरबर्ग को Facebook के लिए $ 1 बिलियन डालर प्रस्ताव दिया जिसे ठुकरा दिया गया |


ज़ुकेरबर्ग ने Facebook मे एक नई चीज को लांच किया जो उसे और भी उचाईयो तक लेकर जाने वाला था, वह था “न्यूज़ फीड (News Feed)”| पर हुआ उल्टा News Feed मे गोपनीया उल्लंघन का मुद्दा सामने आने लगा और Facebook मे ग्रुप बनाकर इसका विरोध चालू हो गया | Facebook कार्यालय के बाहर घेराबंदी शुरू हो गई और छात्र विरोध करने लगे |


ज़ुकेरबर्ग को इसके लिए माफी मांगनी पड़ी और साथ ही साथ कुछ और भी सीखने को मिला | इससे गोपनियता नियंत्रण मे बहुत से बदलाव किए गए और इसे सुधारकर फिर से लांच किया गया इसके साथ ही साथ Facebook अनुभव का यह एक लोकप्रिय तत्वो मे से एक निकला | और 2012 मे इसके सदस्य दुगुने होकर 12 मिलियन पहुच गए |


ज़ुकेरबर्ग ने Facebook के अनुभव को फिर से बदल दिया जब Facebook के लिए Application विकसित करने के लिए दुनियाभर के प्रोग्रामर को आमंत्रित किया | इसके साथ ही साथ Facebook के खोलने पर अनेकों Games, Video, Tools सामने आने लगे |


Microsoft ने 2007 मे $240 मिलियन डालर के निवेश के साथ 1.6% हिस्सेदारी मे साथ देता है | ज़ुकेरबर्ग ने Facebook Advertisement का विकल्प लांच कर दिया | इससे Social Advertisement की सुविधा प्रारम्भ हो गई और Facebook मे User की पसंद के अनुसार विज्ञापन आना प्रारम्भ हो गया |


इस विज्ञापन को कुछ ऐसा Design किया गया था की जब User यह कहता है की उसे कुछ चीज पसंद है तो उसके आस-पास उसी से संबन्धित विज्ञापन आना चालू हो जाते है | 


इसके अगले चरण मे Facebook ने विज्ञापन के लिए नया टूल्स उतारावो था “Facebook Beacon | पर Beacon भी Facebook के लिए एक बड़ी गलती ही निकली | जब कोई Facebook User Shopping करता थातो उसके Post मे Shopping की गई Product की जानकारी आ जाती थी और साथ ही साथ उसके सारे नेटवर्क मे वह फैल जाता था | जिसके कारण क्रिसमस मे दिया जाने वाला Surprise Gift की अहमियत खत्म होने लगी थी | User इस विकल्प का भी विरोध करना प्रारम्भ कर दिए थे | 

      

 कुछ समय के लिए मार्क ने बचाव करने की कोशिश कीपर 5 दिसंबर 2007 को मार्क ज़ुकेरबर्ग ने फिर एक बार और माफी मांगी | पिछली गलती की तुलना मे Facebook पर इसका कोई भी प्रभाव नही पड़ा और वह अभी भी लोकप्रिय था | इसके साथ ही साथ नेटवर्क की गलतियो और गोपनियता एक बार फिर नियंत्रित कर ली गई |

  
सन 2009 मे Facebook मे एक नए निवेशक के रूप मे रूसीयन कंपनी DST Global आईजो $200 मिलियन के निवेश के साथ 1.9% हिस्सेदारी मे साथ दी | 


दिसंबर 2009 मे Facebook ने अपने 350 मिलियन सक्रिय उपयोगकर्ता के Privacy Setting को फिर से शुरू कर दियाजिसे उपयोगकर्ता स्वयं जाकर बंद करता था और तब तक उनकी नीजी जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध थी | जिसे बाद मे वापस सुधार दिया गया | 


सन 2010 मे Opera के एक शो मे मार्के मे न्यू जर्सी के स्कूलो मे $100 मिलियन का दान देने की घोषणा की | 


1 अक्टूबर 2010 को मार्क ज़ुकेरबर्ग और Facebook पर बनी फिल्म “The Social Network” भी रिलीज हो गई | इस फिल्म ने तीन गोल्ड ग्लोबल अवार्ड और तीन अकादमी पुरस्कार भी जीते | 


आज Facebook सिर्फ एक Social Networking Website न होकर हम सबके जीवन का एक हिस्सा हो गई है | इसमे आज आप अपना विरोधअपनी सहमतिअपना प्यार और अपने जीवन की हर बात शेयर करते है |
            

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