शीतला सप्तमी की कहानी व गीत (मारवाड़ी मे)

Sheetla Saptami ki kahani Aur Geet

शीतला सप्तमी पूजा विधि

होली क बाद में सप्तमी न शीतला माता की पूजा ठंडी रसोई सूं कर । छट क दिन राब, जंवरी की रोटी, सीरो, पूड़ी, पत्ती को साग, भाजी खाजा पापडी बनाणू । कांदा, दही ओर सगली पूजा की सामाग्री सूँ माता जी की पूजा करणी । ठंडा पाणी का घड़ा माता जी पर उड़ाणू नीमडी सू हवा करणू । हल्दी का छापा देणू । माता बोदरी न ठंडों चढाणू । ईसू टाबरा की माता बोदरी रक्षा कर । माता जी का गीत गाणू । पछ पंथवारी की पूजा करणू । ओर माता जी कहाणी केणु सुनणू ।




शीतला सप्तमी का खाना


छट क दिन राब, जंवरी की रोटी, सीरो, पूड़ी, पत्ती को साग, भाजी खाजा पापडी बनाणू । कांदा, दही ओर सगली पूजा की सामाग्री सूँ माता जी की पूजा करणी । ठंडा पाणी का घड़ा माता जी पर उड़ाणू नीमडी सू हवा करणू ।

माता जी की पूजा क दिन गरम बनानू नहीं ओर खाणू नहीं। बडेरा बोल्या ह कि माता जी ठंडा सूं खुश रेव । गरम सूं छाला पड़ जाव |

शीतला सप्तमी की कहानी | शीतला सप्तमी की कथा


चेत को महिनो आयो। शीतला माता एक डोकरी को रुप धार कर नगर की फेरी न नीकली । सगला गांव म घर घर फिरी कठई ठंडी रसोई मिली कोनी । जावजठई गरम रसोई का भोजन बताया । एक कुम्हार के गई । चोका म जाकर देखतो हाडी म राब और रोटया करयोडी पडी ही । कुम्हार की लुगाई दिनुगा काम न जाव शिकी राह का ही रसोई बणा कर रख देवती। माताजी खूब पेट भर कर राव रात जीम चूट कर आराम करया । फेर कुम्हार की लुगाई न बोल्या म्ही माथा म जुँवा देख ।

कुम्हार की लुगाई जुवा देखण लागी जणा देख ह माथा म लारे भी एक आंख दीखी । कुम्हार की लुगाई डरी । माताजी कहयो डर मत म्ह शीतला माता हूं होली क सातव दिन सगला गांव मं अंगार लाग जाई थारो एक घर बची। इत्तो केर माताजी आपक जगां पर चलास्या ।

माताजी कहयो ज्यान ही सारा गांव म लाय लागगी। कुम्हारणी को घर बच गयो । राजाजी बोल्या थारो एक घर क्यान बच्यो । कुम्हारणी उत्तर दियो माताजी नगर म फेरी देवता आया । सगला घरां में गरम रसोई ही खाली म्हारा चोका मं ठडी रसोई जीम्या ओर जांवता बोलग्या होली क सातव दिन जो थंडो बणाई म्हारी पूजा करी म्हन थंडी करी बीका घर म म्ह थंडी निजर सूं रेवं । राजाजी सारा गांव म ढिढोरो दियो होली क सातव दिन गांव का सगला लोग थंडो बणाणो माताजी को पूजा करणो और थंडो ही जीमणो ।

शीतला सप्तमी का भजन


माता सेडलर दरबार बाजा बाजरया...
उमेदसिंगजी पधार थारी जात, बाजा...
कवरसिंगजी पधार थारी जात, बाजा...
बिटीयान्यान लियो साथ बाजा...
बहुबेठयान लिजो साथ बाजा...
नोट :- इण भांत सबका नाम लेवणो

शीतला सप्तमी का भजन


माता सेडलर दरबार चम्पो बहोत खुल्यो मोरी माय
ए कुणजी तोड फूल, ए कुणजी हार गूंथ मोरी माय
राजाजी तोड फूल, राण्या हार गूंथ मोरी माय
कवरसिंगजी तोड फुल, लाडलडया हार गूंथ मोरी माय
सेडल तई मोरी माय बालुङारा जतन कर मोरी माय
नोट :- इण भांत सबका नाम लेवणो

शीतला सप्तमी बधावो


म्हारा आंगन आंबो मोलीयो, पिछोकडजी पस री गज बेल सहेलया ए बांबो मौलीयो
म्हारा सासूजी पूछ ए बवड, थारा गेणारों अर्थ बताए ||सहेलया||
सासूजी गेणाजी गेणा कांई करो, म्हारा गेणाजी म्हारो सो परिवार ।।सहेलया॥
म्हारा सुसराजी गडरा राजजी, म्हारा सासुजी भरत भण्डार ||सहेलया ॥
म्हारा जेठ बाजू बंध होयरया, जीठानीजी बाजूबाँधरी लुंब ।।सहेलया॥
म्हारो देवर दात्यो चुडलो, दिवरानीजी चुडलारी मजीत ॥सहेलया।
म्हारी नंनद कसूबल कांचली, नंनदोईजी कसनारी लुम ।॥सहेलया॥
म्हारी धियड हातरो मुदडो जेंबाईजी मुंदडारो कांच ।॥सहेलया ॥
म्हारा कंवर कसूबल मोलीयो, कुल बवाजी म्हार घररी शोभ ॥सहेलया॥
सासुजी म्हैं छाजी रंगा पुतली, केशरियाजी म्हार तिलक लिलाड ||सहेलया॥
म्हैं तो वारीए बवड थारी जिशन, सरायो ए म्हारो सो परिवार ॥सहेलया।
म्हैं तो वारीओ सासुजी थाकी कुखन, जिन जाया सेलीवाला छेल ।।सहेलया॥
म्हैं तो वारीओ राजाजी थाका राज न, जठ निपजजी कोडयाली जंवार ।।सहेलया ।
महे तो दल छड रांधा खिचडो, जिमाऊजी म्हारो सो परिवार ॥सहेलया॥
म तो वारीओ सुसरोजी थारा खेतन, जठ निपजजी गुंदगीरिरो खेत || सहेलया ||
म तो जदचुसु जद रसभरीया, रसभरीयाजी सासु सूगनीरा जोध ॥ सहेलया॥
म तो बाहीओ बाबाजी थारा खेत न, जठ निपजजी चांबलीयारो खेत ॥ सहेलया॥
म तो जब घोऊ जव उजता, उज ना रातजी जामन जायो बीर ॥सहेलया ||

शीतला सप्तमी बधावो


समदरीया म साचा मोती निपज ए, मोती शैलषनारायण र कान बधाओ म्हार आईयो (कंवारा डावडा का नाम लेव)
म्है थान पूछा बहु लाडलडया थारा छ मोटा राण्या भाग ॥बधाओ।|
भाग बडाजी दादी सासू का, बडाजी म्हारी सासू का
जीन जाया सेलीवाला छेल, किलंगी वाला जोध
बाई कांता बाईरा बीर (नंनदल बाईरा) ॥बधाओ ।।
जीन जाया माता पूजी आज ॥ बधाओ ।।
जीन जाया बाजा जंगी ढोल ।। बधाओ ।।
जीन जाया न्हान पूजा चार ।। बधाओ ।
जीन जाया जलवा पूजी चार ।। बधाओ ।।
जीन जाया पीला ओढ्या चार । बधाओ ।
जीन जाया खाई सटवा सूंठ ।| बधाओ ।।

शीतला सप्तमी जंवारा


हात माय छडीरे गुलाब की जी गोरा इसरजी बोब बान जाय म्हारा हरया जंवराजी राज ।
जल भर झारी हाथम जी बहु रेणादेजी सिचन जाय ।। म्हारा ।॥
ले कुकू ले चौपडोजी बाई सोधरा बाई कुंता बाई पूजन जाय ।॥ म्हारा ॥
उभा उभा ननंदल बाई बिनव ए भावज थारो म्हारो अमर सवाग ।। म्हारा ।।
नोट : इण भांत इसरजी, कनीरामजी और घर का सगला का नाम लेवणो।

शीतला सप्तमी जंवारा


म्हारा हरिया जेवाराजी राज गऊडा सरस बदया
ए तो सूरजजीरा बायाओ राज रेणादे ओ राष्या सिचलिया
ए तो इसरजीरा बायाओ राज गोरादेओ राण्या सिंचलिया
ए तो कन्नीरामजीरा बायाओ राज लाडलडयाओ राण्या सिचलिय
ब्यारी ननंद सवागन ओ राज बाई सोधराबाई पूजलीया
में तो बेना बाईरा पूजाओ राज ब्यारा सगलई बिरा टांकलीया
बीरा अखील अजरावण ओ राज होईजो बुढा डोकरा
भावज सरब सवागण ओ राज चुडा चुनौ राज करो ।। म्हारा ।।

शीतला सप्तमी जंवारा


केशरी क्यारयां म हरीया जांवरा तो लेर लयोजी लेर ल्यो
सुरजजी रा बाया रेणादे सिंचा ॥ तो लेर ॥
इसरजी रा बाया गोरादे सिंचा ॥ तो लेर ॥
पेर पटोलयो ओढ सिंदूर बाई सोधरा पूजा ॥ तो लेर ॥।
बेना बाईरा पूजा व्यारा बीरा टांक्या ॥ तो लेर ॥
इस प्रकार सबके नाम लेना

शीतला सप्तमी जंवारा


ऊँच मगरा ओ म्हारा हरिया जंबरा तो लुलिया जंबार
निचओ मिरगा जोंचलो
मीरगा घेरो ओ कासवजीरा सुरजजी घेरोनी बनडा गिरगला
म्है क्यूं घेरा ए म्हारी गौर सावलडी नार पातलडी
म्हारी बाई सोधरा सासर म्हारी बाई... बापर
रुण झूण ओ बीरा बेल जुताओ ल्याओ गोरा बाई री
तिजण्या । ऊंच मंगरो ।
इस प्रकार सबके नाम लेना ।

शीतला सप्तमी घुडल्यो


घुडलयारो कांचो सुत घडुलयो घुमेलोजी घुमेलो
सूरजजीर जायो पुत घडुलयो घुमेलोजी घुमेलो
इसरजीर जायो पुत घडुलयो घुमेलोजी घुमेलो
म्हार तेल बल घी घाल घडुलयो घुमेलोजी घुमेलो
सवागण बाहेर आय घडुलयो घुमेलोजी घुमेलो
छोरान बाहेर लाय घडुलयो घुमेलोजी घुमेलो
जापा का लाडू लाय घडुलयो घुमेलोजी घुमेलो
जापा को पीलो लाय घडुलयो घुमेलोजी घुमेलो
सोनारी सुपारी लाय घडुलयो घुमेलोजी घुमेलो
मोल्यारा आंका लाय घडुलयो घुमेलोजी घुमेलो
इस प्रकार सबके नाम लेना

शीतला सप्तमी घुडल्यो


गड गड घुडलयो ए म्हाम रमण आय
बाई गौरा ए म्हाम रमण आय घडुलयो घुमेलो
म्है तो आस्यां ए म्हारा बीर रमाय घडुलयो घुमेलो
थारा बीरा ए पालनीय पोडाय घडुलयो घुमेलो
पालनीये ए पाटोडारी डोर घडुलयो घुमेलो
पाटोड ए रेशमीयारी डोर घडुलयो घुमेलो
इसी प्रकार सबके नाम लेना ।

शीतला सप्तमी घुडल्यो


घुडलयो घुमत घुमत आईयो
ओ तो आयो आयो सूरजजी री पोल घुडलयो घुमलो । घुडलया तू मती
जानी तिजन्या ऐकली साथ छडीदार, चौकीदार, हाकम हवलदार करवान्यान कामदार
काका उभा किलादार, मामा उभा मायरादार भाई भतीजा सो परवार
घुडलयो धुमलो

शीतला सप्तमी बंदोला


म्हारी गौर बंदोल निसरी
म्हारा चार कुंबर चौपड रम, म्हारा चार पढ चतर साल सा कासब सारी कुल बहु
म्हारा चार पढ चतर साल सा ब्रह्मासारी कुल बहु
म्हारा चार पढ चतर साल सा हेम जलसारी कुल बहु ।। म्हारी ॥
रेणादेजी रमन आय देवी देवतार झुलर
बाई गौरा रमन आय सखीये सहेलयार झुलर ॥। म्हारी ॥
म्हारा चार पढ चतर साल सा बद्रीनारायण सारी कुल बहु
रामकादेजी रमन आय सासु सवा र झुलर
सौरंगदेजी रमन आए दीवर जीठान्यार झुलर
लाडलडयाजी रमन आय ननंद भौजयार झुलर

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