सम्मोहन मंत्र साधना । Hypnosis Therapy | Hypnotherapy


आज विज्ञान जितनी उन्नति कर रहा है, उससे कहीं अधिक हमारे प्राचीन काल (ancient time) के संत तथा योगियों ने केवल ध्यान, समाधि, तंत्र-मंत्र एवं त्राटक साधना (tratak sadhana) द्वारा मानव के सुपर कंप्यूटर मस्तिष्क की चमत्कारी शक्तियों का बहुत अच्छा ज्ञान प्राप्त किया था । अमेरिका, रूस, जापान जैसे विकासशील देश के वैज्ञानिक महंगे उपकरणों की सहायता से मानव मस्तिष्क (human brain) के चमत्कारों को जानने में प्रयत्नशील हैं और आशा की जा रही है कि मानव मस्तिष्क के अनेक रहस्य शीघ्र ही सामने आ जाएंगे ।

सुपर कम्प्यूटर (super computer) में मेमोरी भरे होते हैं, परंतु उनमें सोचने की शक्ति नहीं होती है। जबकि मस्तिष्क के अचेतन-अवचेतन तल पर हजारों गोपनीय रहस्य सूत्र कुंडलीन आत्मा, परमात्मा के रहस्यों के साथ हमारे शरीर के समस्त अंगों के एक-एक अणु हारमोंस आदि सैकड़ों कार्यों को संचालन मस्तिष्क के चेतन और अवचेतन के द्वारा निरंतर होता रहता है ।

मानव मस्तिष्क को चेतन-अवचेतन के विभिन्न तरीकों के द्वारा उन्नतिशील बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मानव मस्तिष्क में सम्मोहन (Hypnosis) के द्वारा अचेतन मस्तिष्क को जागृत कर कई प्रकार के चमत्कारों के रहस्यों को खोजा जा रहा है ।

सम्मोहन विज्ञान (hypnosis) के जिज्ञासु पाठक मन तंत्र साधना (meditation practice) दूरदर्शन दूरश्रवण जैसी साधनाओं को आत्म सम्मोहन (self hypnosis) सीखकर अपने विकार हीनता ग्रंथि विलपावर (disorder inferiority complex) की कमी दूर कर सकते है। आत्म विश्वास बढ़ा सकते हैं तथा सम्मोहन कला सीखकर अनेक चमत्कारी अनुभव कर सकते हैं।


सम्मोहन से अपराध


क्या सम्मोहन से अपराध किये जा सकते हैं ? (Can hypnosis commit crimes?) यह प्रश्न सम्मोहन जिज्ञासुओं के मन में उठता रहता है। किसी मानव को गहरे सम्मोहन (hypnosis) मे ले जाकर उसे निर्देश देने पर वह नैतिक काम तो करेगा, परंतु यदि उसका अवचेतन मन गलत समझता है तो क्षण ही में सम्मोहन दूर हो जाता है। सम्मोहित व्यक्ति से हत्या, आत्महत्या एवं चोरी नहीं कराई जा सकती। संसार में सभी जगह सम्मोहन के द्वारा अपराधियों के अचेतन मन पर प्रभाव डालकर अपराध व उसके सबूत एकत्र किये जा सकते हैं।

न्यायालय द्वारा अभी तक सम्मोहन को मान्यता नहीं दी गयी है, परंतु हर जगह अपराधी पर सम्मोहन का प्रयोगकर अपराधी से कई प्रकार के रहस्य उगलवाये जाते हैं।

अमेरिका में सम्मोहन द्वारा एक अपराधी से तीन हत्या कांड की गुत्थी सुलझाई गयी थी । एक व्यक्ति द्वारा तीन हत्या की गयी थी। परंतु जिस बंदूक से हत्या की गयी थी, वह नहीं मिल रही थी। सम्मोहन विशेषज्ञों ने व्यक्ति को गहरे सम्मोहन में ले जाकर अपराध की पूरी घटना व बंदूक फेंकने का स्थान अपराधी के अचेतन मस्तिष्क से निकालकर बंदूक जप्त कर अपराधी को सलाखों के पीछे खड़ा करवा दिया । न्यायालय सम्मोहन की अवस्था मे दिए गए बयान को नहीं मानता, परंतु सबूत मिलने जैसे चाकू, आदि को मानती हैं।

यह एक सत्य घटना फ्रांस की है। फ्रांस की गुप्तचर सेना को अपना संदेश हिटलर के देश जर्मनी स्थित अपने गुप्तचर को पहुंचाना था । फ्रांस के सम्मोहनार्वेद विशेषज्ञों ने एक नौजवान जासूस को गहरे सम्मोहन में उतारा तथा कहा, "जब जर्मनी आप इस पते पर पहुंच जाओगे तथा आपसे जब ब्लैक रोज ३० कहा जाएगा तब आप इस सूचना को उस व्यक्ति के सामने लगातार बोलाकर रिकार्ड करवा दोगे तथा रिकार्डिंग पश्चात् व्यक्ति के ओ०के० बोलने पर आपके अचेतन मन में रिकार्ड सूचना पूर्ण रूप से भूल जाएगी। यदि रास्ते में अन्य व्यक्ति भी यही कोड बोलकर पूछता है तो आप पूरी गुप्त सूचना भूल जाओगे इतना करके उस जासूस को जर्मनी भेजा गया।

हिटलर की संस्था द्वारा वह बीच में ही धर लिया गया। उसको नंगा करके बर्फ की सिल्लियों पर लिटाया गया, उबलते पानी से उसे नहलाया गया। अनेक यातनाएं दी गयी जो असहनीय थी, परंतु वह कुछ नहीं बोला उसके अचेतन मन में ब्लैक रोज ३० कोड का भयंकर संदेश था । वही जर्मनी जैसे शक्तिशाली देश व हिटलर जैसे तानाशाह की मौत के मुंह में ले गया। वह व्यक्ति जासूसों से छूटकर आगे गयेऔर पते पर पहुंचा । वहां उसने बताया कि उसे सात दिन तक क्या-क्या यातनाएं दी गयी, बाकी उसे कुछ भी नहीं मालूम था जर्मनी स्थित जासूस जो कि सम्मोहन का जानकार था। उसने तहखाने में मासूम युवक को रखा उसे आरामदायक बिस्तर दिया तथा चारो ओर सतर्कता बरतते हुए उस जासूस ने जैसे ही ब्लैक रोज ३० कहा। युवक निरंतर बोलता गया तथा फ्रांस का जासूस रहस्यमयी सूचना सुना रहा था और नोट करना भूल गया। फ्रांसीसी जासूस को मालूम था कि जब तक वह ओ०के० नाम का खास कोड नहीं बोलेगा, वह व्यक्ति सूचना को बार-बार दुहराएगा आखिरकार पूरी सूचना कोड में रिकार्ड कर ओ०के० कोड वर्ड बोल कर उस जासूस के अचेतन से पूरी सूचना हटा दी गयी।

इस सूचना के कारण युद्ध का नक्शा ही पलट गया तथा हिटलर ने अपनी प्रेमिका उर्फ पत्नी को जहर पिलाकर स्वयं कनपटी पर गोली मार ली। अब इसे हमारे पाठकगण सम्मोहन का अच्छा या बुरा पहलू कुछ भी कह सकते हैं।


सम्मोहन और मानव मस्तिष्क के कार्य


५ वर्ष के बच्चे से लेकर ५० वर्ष के व्यक्ति को सम्मोहित कर (Hypnosis) मनुष्य की अनेक प्रकार की बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। यदि अचेतन का भय, डर, चिंता, घबराहट, अवसाद, भूलने की आदत, नींद में चलने की आदत और मानसिक समस्या दूर की जा सकती है। साथ ही साथ जो हम मानसिक ध्यान (mental focus) या योग सीखते हैं। वह आत्म सम्मोहन (self hypnosis) का ही रूप है। सम्मोहन द्वारा स्मृति बढ़ाई जा सकती है। मन की एकाग्रता बढ़ाई जा सकती है। स्वभाव में अंतर लाया जा सकता है।

भारत में सम्मोहन विद्या प्रगति कर रही है। भविष्य में समूह सम्मोहन (group hypnosis) द्वारा मात्र एक घंटे में स्कूल के छात्रों को प्रतिभाशाली बनाया जा सकता है। कालेज के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों पर प्रयोग के तौर पर समूह सम्मोहन कर उन्हें प्रतिभाशाली बनाने हेतु सलाह दिया। आश्चर्य तब हुआ जब कालेज की वह छात्रा, जो पढ़ाई से जी चुराती थी । वह सुबह से उठकर मनलगाकर पढ़ने लगी और अपनी कक्षा में टाप किया। इसमें मुख्य बात यह होती है कि जो व्यक्ति जितनी अधिक सम्मोहित होता है। उतना ही उसका अचेतन मन कार्य करता है इसलिए निरंतर समूह सम्मोहन का प्रयोग होने पर अधिक प्रभाव पड़ता है।


सम्मोहन विधि कैसे सीखें


सुबह उठकर ध्यान कर सम्मोहन की अच्छी विधि है। आजकल एक्यूपंक्चर सम्मोहन (acupuncture hypnosis) आदि पर लेख, पुस्तकें बड़ी मात्रा में उपलब्ध हैं। जो ज्ञान पुराने गुरूओं के पास था, जिसे वह सरलता से सब को नहीं बताते थे, आज पुस्तकों मे आसानी उपलब्ध है। अभी भी कुछ रहस्य ऐसे हैं जिसे साधारण लोगों को नहीं बताए जा सकते हैं। आप सभी लोग सम्मोहन विद्या का उपयोग अधिक से अधिक कर सकते हैं केवल मेहनत व धैर्य की आवश्यकता है ।

Post a Comment

और नया पुराने