विंसेंट गिगांटे । Vincent Louis Gigante | गैंबिनो सरदार जॉन गोट्टी | John Gotti


ला कोसा नोस्त्रा अब मृत था और यप्पी तस्करों की एक नयी नस्ल रही थी । इसे यपस्टर्स कहा जाता था । शुरू में न्यूयार्क पर ला कोसा नोस्त्रा का वर्चस्व था, परंतु जब अमरीका को अधिकांश हेरोइन की आपूर्ति करने वाले फ्रांसीसी स्रोत सन् १९७० के मध्य में बंद हो गये, तब न्यूयार्क में मादक द्रव्यों की तस्करी का प्रमुख सूत्र सिसिली-मूल के तस्करों ने हाथों-हाथ संभाल लिया था । संघीय जांच ब्यूरो के अनुसार उस समय न्यूयार्क हेरोइन व्यापार का विश्व केन्द्र बन गया था ।

मूल इटली में जन्मे तस्कर लुप्त होते जा रहे थे तथा संघीय जांच ब्यूरो के आक्रामक अभियान के फलस्वरूप सन् १९८१ से लेकर सन् १९८९ तक अमरीका के २२ संगठित अपराधी गिरोहों से संबंधित १००० तस्करों को सजाएं मिल चुकी थी, तथापि दो माफिया सरदार विंसेंट गिगांटे (Vincent Louis Gigante)(The Chin) और जॉन जोसेफ गोट्टी (John Joseph Gotti) संघीय जांच ब्यूरो और मादक द्रव्य निरोधक एंजेसी के चंगुल से बच निकलने में सफल रहे थे ।

जिनोवीज़ अपराधी गिरोह का मुखिया ६२ वर्षीय विंसेंट गिगांटे, जिसे उसके अनुयायी 'चिन' (The Chin) कहकर संबोधित करते हैं, अपना समस्त व्यापारिक कामकाज काफी सवेरे निपटा लेते थे । उसकी मुलाकातें सुबह ३ बजे शुरू हो जाती थी । उस समय वह स्नान-गाउन और स्लीपर पहनकर न्यूयार्क के लघु इटली अर्थात् सोहो में घूमने निकलता था । उसके विश्वस्त सहायक उस समय उसके साथ रहते थे । पुलिस और संघीय जांच ब्यूरो के अनुसार विंसेंट गिगांटे उन प्रमुख माफिया सरदारों में से एक है, जो पिछले कुछ वर्षों में यत्नपूर्वक अदालती आरोपों और सजा से बचते रहे थे । न्यूयार्क पुलिस की दृष्टि में विंसेंट गिगांटे भयंकर दैत्य था ।


जॉन गोट्टी | John Gotti


अमरीका में कानून और व्यवस्था लागू करने वाले अधिकारी न्यूयार्क क्षेत्र में कार्यरत मादक द्रव्य तस्करों के विरुद्ध अपने संघर्ष के मार्ग में गोट्टी को एक लगभग अजेय बाधा मानते थे । संघीय जांच ब्यूरो के अभिलेखों से ज्ञात होता है कि गोट्टी ने गैंबिनो गिरोह के भूतपूर्व मुखिया पॉल कास्तेल्लानो को दिसंबर, १९८५ में शहर की एक सड़क पर गोलियों से मरवा दिया था । उस समय गोट्टी गैंबिनो अपराधी संगठन में एक कप्तान मात्र था । आज वह गैंबिनो-परिवार का मुखिया है, जिसे मादक-द्रव्यों के अवैध व्यापार तथा जुआघरों से प्रतिवर्ष कम से कम २५० करोड़ डॉलर की आमदनी होती है ।

जॉन गोट्टी का जन्म २७ अक्तूबर, १९४० को साउथ ब्रोंक्स में हुआ था । उसके पिता भवन निर्माण कार्य में मजदूरी करते थे । वह अपने माता-पिता के १३ बालकों में से पांचवां थे । वे सन् १९५२ में इटली के नेपल्स प्रांत से आकर संयुक्त राज्य अमरीका के ब्रुकलिन क्षेत्र में घुस गये थे । गोट्टी किशोरावस्था में ही नेपल्स-मूल के गिरोह का नेता बन गया था । वह शीघ्र ही कारमाइन फैटिको द्वारा संचालित अल्बर्ट अनस्तासिया के अपराधी गिरोह के क्लब में जाने लगा था । अनीलो (नील) डेलाक्रोस के साथ उसकी भेंट इसी क्लब में हुई थी । आगे जाकर नील गैंबिनो-परिवार में उसका मार्गदर्शक बना ।

किशोरावस्था में गोट्टी छोटे-मोटे अपराधों के आरोप में ९ बार पकड़ा गया । उसने अपना प्रथम बड़ा अपराध सन् १९६९ में किया । उस पर माल की तीन चोरियों और ट्रकों के अपहरण के आरोप लगाये गये थे । गोट्टी ने अदालत के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था, फिर भी उसे तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा देकर अमरीका कठोर सुरक्षा व्यवस्था वाली लेक्सिबर्ग की संघीय जेल में रखा गया, जहां उसकी भेंट मादक-द्रव्यों की तस्करी के आरोप में सजा काट रहे माफिया सरदार कामैन गालांटे ( Carmine Galante ) के साथ हुई । गैलांते उसे बोन्नानो अपराधी परिवार में शामिल करने को उत्सुक था, परंतु जब यह बताया गया कि गोट्टी नील का आदमी है तो उसने अपना हाथ खींच लिया ।

सन् १९७० के दशक में पांच माफिया परिवार थे - कोलंबो, बोन्नानो, जिनोवीज़, लुच्चीज और गैबिनो । गैबिनो परिवार में तीन गिरोह थे । इन गिरोहों के सदस्य गिरोह आय अपने-अपने मुखिया के साथ बांट लेते थे तथा ये मुखिया अपने हिस्से का भाग चोटी के तीन सरदारों को पहुंचाते थे - सरदार, उप-सरदार और परामर्शदाता । गोट्टी कारमाइन फैटिको के गिरोह में था, जिसने बर्गेन नामक नये क्लब की स्थापना की थी । सन् १९७२ में फैटिको को कुछ कानूनी समस्याओं में उलझे रहने के कारण गिरोह के मुखिया पद से अस्थायी तौर पर हटना पड़ा । गोट्टी ठीक इसी अवसर पर जेल से छूटा तथा उसके संरक्षक गैबिनो-परिवार के उप-सरदार नील डेलाक्रोस ने उसे बर्गेन गिरोह का कार्यकारी मुखिया बना दिया ।

सन् १९७३ में गैंबिनो परिवार के मुखिया ने गोट्टी को अपने भतीजे के अपहर्ताओं और हत्यारों से बदला लेने का दायित्व सौंपा । गोट्टी और उसके साथी रूग्गियेरो ने तथाकथित अपहर्ताओं में से एक जेम्स मैकब्रेटने को एक मंदिरालय में गोली से उड़ा दिया । गोट्टी ने इस बार भी अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके फलस्वरूप जिला अटॉर्नी ने उसे राज्य की जेल में चार वर्ष के कारावास की सजा दिलायी ।

सन् १९७६ में कालों गैबिनो का देहांत हो गया । उस समय गोट्टी जेल में था । मृत्यु से पूर्व कार्लो ने गैंबिनो-परिवार के सरदार पद के लिए उप-सरदार डेलाकोस के दावे की उपेक्षा करके अपने साले पॉल कास्तेल्लानो को अपना उत्तराधिकारी मनोनीत कर दिया था । डेलाक़ोस को उप-सरदार बनाये रखा गया । गैबिनो-परिवार के २३ गिरोहों में से १० का नियंत्रण डेलाक़ोस को सौंप दिया गया । सन् १९७७ में जेल से छूटने पर गोट्टी को बर्गेन गिरोह का स्थायी मुखिया बना दिया गया ।

गोट्टी ने सन् १९८० से पहले ही गैंबिनो-परिवार में महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर लिया था, जिसके कारण वह संयुक्त राज्य अमरीका में कानून और व्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की निगाह में शंकास्पद बन गया था ।

उन्होंने सन् १९८१ में तीन महीनों तक बर्गेन क्लब में एक गुप्त माइक्रोफोन लगाये रखा और वे क्लब के टेलीफोन पर होने वाली वार्ताओं को टेप करते रहे । इन साधनों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने जुए का एक ऐसा अड्डा पकड़ा, जिसमें भारी रकमों के दांव लगाये जाते थे, परंतु उन्हें गोट्टी के विरुद्ध कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल पाया ।

संघीय जांच ब्यूरो ने सन् १९८५ में मादक द्रव्यों की तस्करी के आरोपों पर गैंबिनो-परिवार के कई अपराधियों को गिरफ्तार किया, लेकिन गोट्टी इस बार भी उसके जाल में नहीं आया । हां, ब्रुकलिन की संघीय ग्रांड जूरी ने उस पर जुआघर चलाने के आरोप अवश्य लगाये । इस बार गोट्टी के दो घनिष्ठ सहयोगियों-भाई जेने और मित्र रूग्गियेरो पर हेरोइन की तस्करी के आरोप पर मुकदमा चलाया गया ।

पॉल कास्तेल्लानो गैबिनो परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा मादक द्रव्य व्यापार के विरुद्ध था और उसने यह आदेश जारी कर दिया था कि यदि कोई भी सदस्य मादक द्रव्य तस्करी में लिप्त पाया गया तो परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से उसे मृत्यु दंड दिया जायेगा । यह अत्यंत कठोर आदेश था, जिसके कारण गोटी अपने भाई और रूग्गियेरो के जीवन के प्रति आशंकित हो उठा । ठीक इसी समय, दिसंबर, १९८५ में गोट्टी के संरक्षक डेलाक्रोस की कैंसर से मृत्यु हो गयी और पॉल कास्तेल्लानो ने थॉमस बिलोट्टी को गैंबिनो परिवार का उप-सरदार नियुक्त कर दिया । यह स्थिति गोट्टी को स्वीकार्य न था और उसने ठीक दो सप्ताह बाद कास्तेल्लानो तथा बिलोटी को न्यूयार्क में गोलियों से मरवा दिया ।

अब गोट्टी स्वयं गैबिनो परिवार का सरदार बन गया तथा उसकी जीवन-शैली पूरी तरह बदल गयी । उसने विडो-ब्रैकर्स और जॉकेटों का पहनावा छोड़कर महंगे सूट धारण कर लिये । वह बलिष्ठ और सशस्त्र अंगरक्षकों के घेरे में न्यूयार्क के महंगे कहवाघरों में जाने लगा । उसके परिवार के सदस्य उसे सम्मान प्रदान करने लगे । स्वयं उसके भाई उसके लिए द्वार खोलने, कोट पहनाने तथा उतारने में उसकी मदद करने तथा उसके सिर पर छाता तानने लगे ।

जब से गोट्टी गँबिनो-परिवार का सरदार बना है, तब से गैंबिनो परिवार मादक द्रव्यों की तस्करी का पूर्णतः समर्थन करने लगा था । गोट्टी ने अतीत की घटनाओं से पाठ सीखा । अब वह अपने लोगों के साथ क्लब में अथवा अपने गोपनीय स्थलों पर मंत्रणाएं नहीं करता । वह उनसे रेस्तराओं में मिलता अथवा सड़कों पर टहलते हुए चर्चाएं करता है, जिससे कि वह माइक्रोफोन और टेलीफोन के टेपिंग से बच सके । यह बात बहुत महत्त्वपूर्ण है कि कालांतर में संघीय जांच ब्यूरो तथा मादक द्रव्य निरोधक एजेंसी के प्रयत्नों के फलस्वरूप प्रायः अन्य सभी अपराधी संगठनों और माफिया गिरोहों-बोन्नानो, लच्चीज़ तथा कोलंबो का लगभग सफाया हो चुका था तथापि गोट्टी के नेतृत्व में गैबिनो तथा विंसेंट गिगांटे (चिन) के नेतृत्व में जिनोवीज़ अपराधी परिवार जीवित रहने में तो समर्थ रहे ही थी , अपराजेय भी प्रतीत होने लगे । कानून और व्यवस्था की स्थापना के लिए उत्तरदायी अमरीकी अधिकारी गोट्टी को चारों ओर से घेरने की चेष्टा कर रहे थे तथा उन्हें आशा थी कि अंततः वे उसे लंबी जेल की सजा दिलाने तथा गैविनो-परिवार को खंडित एवं तबाह करने में सफल हो जायेंगे, परंतु गोट्टी उनकी चिंता किये बिना प्रतिदिन दोपहर के समय एक चमचमाती लिमूजीन पर सवार होकर घर से निकलता था । उसकी कार पर तीन ड्राइवर तैनात थे, जो बारी-बारी से उसकी कार चलाते और उसकी सुरक्षा का ध्यान रखते थे ।

गोट्टी के पास कमाई का एक वैधानिक साधन भी था । नलों की फिटिंग और मरम्मत का ठेका लेने वाली एक कंपनी ने उसे अपने भ्रमणशील सेल्समैन के रूप में नियुक्ति पत्र दे रखा था । न्यूयार्क जिला अटॉनी और राज्य का संगठित अपराध टास्क फोर्स गोट्टी को अपने जाल में फंसाने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास कर रहे थे । सन् १९८८ में टास्क फोर्स ने गोट्टी के विरुद्ध इस आरोप के आधार पर गिरफ्तारी का वारंट जारी करा लिया था कि उसने सन् १९८६ में बढ़ई संघ के एक अधिकारी को गोली मारकर घायल करने के आदेश दिये थे, गोटी को गिरफ्तार किया गया । उसे गिरफ्तार करने वाले अधिकारी को यह विश्वास था कि इस बार गोट्टी उसके जाल से नहीं बच पायेगा, परंतु गोटी उसका उलटा सोच रहा था । उसने उस अधिकारी से मजाक में कहा, मैं इस आरोप को असत्य सिद्ध कर दूंगा, चाहें तो शर्त लगा लीजिये, मैं आपकी अपेक्षा तीन गुना रकम दांव पर लगाने को तैयार हूं।" गोट्टी जीत गया । अदालत ने उसे अगले ही दिन १ लाख डॉलर की जमानत पर रिहा कर दिया ।

अदालत के समक्ष गोट्टी के मुकदमे की पैरवी करते समय ब्रूस कटलर ने मुख्य गवाहों तथा अभियोजक की ईमानदारी पर पैनी चोट की । उसने आरोप लगाया कि गोट्टी पर अपराधी होने का आरोप लगाने वाले सात प्रमुख गवाह यह स्वीकार कर चुके हैं कि वे स्वयं हत्यारे, अपहरणकर्ता अथवा धोखाधड़ी करने वाले रह चुके हैं तथा उन्हें सरकारी पक्ष में गवाही देने के बदले में आजीवन कैद से मुक्ति तथा धन और विशेष सुविधाएं प्राप्त हुई हैं । जुरी ने पूरे सप्ताह भर विचार-विमर्श के बाद अंततः गोट्टी और अन्य सभी अभियुक्तों को सभी आरोपों से बरी कर दिया ।

फरवरी, १९९० में संयुक्त राज्य सर्वोच्च न्यायालय ने जॉन गोट्टी को आक्रमण आदि के उन सब आरोपों से मुक्त कर दिया, जो उस पर तथाकथित सन् १९८६ षड्यंत्र के बहाने लगाये गये थे । इस प्रकार आरोप-मुक्त होना गोट्टी के लिए महान विजय सिद्ध हुआ है तथा वह अपराध जगत और संयुक्त राज्य अमरीका की जनता की दृष्टि में अपराजेय बन गया है ।

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