इंग्लैंड के हेनरी सप्तम और अद्भुत भविष्यवाणी | Henry VII And the Amazing Prophecy

इंग्लैंड के हेनरी सप्तम और अद्भुत भविष्यवाणी | Henry VII And the Amazing Prophecy

फ़्रांस के सुप्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की ही तरह इंग्लैंड में भी एक भविष्यवक्ता हुआ है । एक दिन जब वह खेत जोत रहे थे, तब अचानक रुक गए । उन्होंने अजीबोगरीब ढंग से अपने चारों ओर देखा तथा फिर चिल्लाए, “अब डिक! अब हैरी! ओह, बहुत किया हैरी! हैरी जीत गया यद्यपि राबर्ट निक्सन की ये बातें पहले की उसकी अटपटी बातों की तुलना में अधिक विश्वास भरी थी, तथापि उसकी बातें उसके साथी हलवाहों की समझ में उस दिन तो कुछ भी नहीं आई, किन्तु दूसरे दिन समझ में तब आई, जब उन्होंने सुना कि बोसवर्थ के युद्ध क्षेत्र में राजा एडवर्ड तृतीय मारा गया तथा हेनरी टूयूमर ने जीत का सेहरा पहन लिया और हेनरी सप्तम के नाम से राजसत्ता ग्रहण कर ली ।

स्पष्ट है कि एडवर्ड तृतीय का सिंहासन ग्रहण करने से पूर्व का नाम डिक था तथा हेनरी ट्यूडर का पुकारने का नाम हैरी था राजा हेनरी सप्तम को जब पता लगा, तो उन्होंने राबर्ट निक्सन को बुलाने के लिए अपना दूत भेजा । राबर्ट की अलौकिक शक्तियों ने दूत के आने का उसे पहले ही से आभास करा दिया । वह परेशान हो गए तथा यह चिल्लाते हुए नगर की सड़कों पर घूमने लगे, “हेनरी ने मुझे बुला भेजा है… मैं अंत में उसके महल में ही भूख से दम तोड़ दूंगा…।”

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राबर्ट निक्सन के महल में आने पर राजा हैनरी सप्तम के मन में कुतूहल जगा । उसने राबर्ट से पूछा, “अच्छा, अब यह बताओ कि भविष्य में क्या-क्या होने वाला है ?”

राबर्ट ने उत्तर दिया, “तुम्हारे देश में गृह युद्ध होगा । राजाओं की मृत्यु होगी । राजा गद्दी छोड़ेंगे तथा फ्रांस से युद्ध होगा । इन सबके अलावा एक बात और होगी । मैं आपके महल में भूख से दम तोडूंगा । इतना सुनते ही राजा हेनरी ने कहा, “नहीं, राबर्ट नहीं, मैं ऐसा नहीं होने दूंगा । मैं तुम्हे भूख से मारने की तोहमत अपने सिर पर नहीं लगने दूंगा।“

राबर्ट निक्सन ने उत्तर दिया, “भविष्य को बदलना आपके वश में नहीं है, राजन। मैंने जो कुछ कहा है, वह सब सच होकर रहेगा । कोई उसे रोक नहीं सकता है । यकीन न हो, तो कोशिश करके देख लें।“

राजा हेनरी सप्तम ने अपने महल के अधिकारियों को कड़ा आदेश दिया, “राबर्ट को अच्छे-से-अच्छा खाना दिया जाए । वह जो कुछ खाने को मांगे, वह सब उसे दिया जाए । आदेश के पालन में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।“

राबर्ट को इस तरह से अति विशिष्ट व्यक्ति जैसा सम्मान मिलने से महल के अधिकारी उससे ईर्ष्या करने लगे । संयोगवश एक दिन राजा हेनरी लंदन से बाहर चला गया । जाते समय वह अपने महल के अधिकारियों को राबर्ट का पूरा ख्याल रखने का आदेश भी दे गया ।

दुर्भावना से प्रेरित होकर महल के एक अधिकारी ने राबर्ट को राजा के ही कक्ष में बंद कर दिया । अचानक वह भी किसी कार्यवश लंदन से बाहर चला गया । जाते समय वह किसी अधिकारी को कक्ष की चाबी देना भूल गया । राबर्ट कमरे में बंद रहा । उसे खाना-पीना नहीं मिल पाया । अधिकारी ने लौटकर कमरा खोला, तो राबर्ट मरा पड़ा था ।

जिस किसी को इस घटना का पता लगा, उसने यही कहा कि हेनरी ने हजारों कोशिश कीं, पर होनी को रोक नहीं पाया । सचमुच वह अद्भुत भविष्यवक्ता था ।

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