वशीकरण चूर्ण | प्रेत वशीकरण मंत्र | स्वामी वशीकरण यंत्र | सर्वजन वशीकरण मंत्र | Vashikaran Churn
वशीकरण चूर्ण | Vashikaran Churn
बसन्तु ऋतु में शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी (तेरस) को सफेद घुघची का पंचांग (फल, फूल, जड़, डाली, पत्ती) को लेकर उसका चूर्ण बनाकर जिसे पान में रख कर खिला दिया जाये तो वह वश में होगा ।
बसन्त ऋतु में जब कभी शनिवार के दिन घनिष्ठा नक्षत्र हो, उस दिन शुद्ध पवित्र होकर बबूल वृक्ष की जड़ को खोदकर ले आवे और उसे कूट कर रख ले, तो उसे जिसके ऊपर डाले वह वश में हो ।
स्वामी वशीकरण यंत्र
शुभ मुहूर्त में गोरोचन से भोजपत्र पर इस यन्त्र को लिखकर यंत्र में भर कर दाहिनी भुजा पर बाँध कर नौकरी पर जाये तो मालिक खुश रहे ।
स्वामी वशीकरण मंत्र
ओ छं हुं हुं छां छां डः ।
विधि – सोमवती अमावस्या के दिन खोदे हुये कुशों की आसनी बनावे और फिर सूर्यग्रहण के दिन नदी किनारे अंजनी वृक्ष के नीचे बैठ कर इसी मन्त्र को जपे तो स्वामी वश में हो जायेगा । मन्त्र जपने की माला गंधोली के फल की गुठली की होनी चाहिये तभी लाभ होगा ।
सर्वजन वशीकरण मंत्र
ओम् तालतुं वैरी दह दह दरेभाल भाल अं अं हुं हुं हुं कालकमानी कोट काटिया अं ठः ठः।
विधि – राजहंस पक्षी का पंख और कोंचनी के फूलों को, शनिवार को प्रातःकाल काले रंग की गौ के दूध में खीर पकावे और उपरोक्त मंत्र पढ़कर अग्नि में उस खीर से १०८ बार हवन करे और हवन करते समय चित्त में उस व्यक्ति का ध्यान करता रहे तो उसे सर्वजन को वश में करने की सिद्धि प्राप्त होती है ।
प्रेत वशीकरण मंत्र
ओम् साल सलीला मोसल वाई काग पठता धाई आई ओ लं लं लं ठ: ठ: |
विधि – पहले इस मन्त्र को विधिवत् १००० मन्त्र द्वारा जप कर सिद्ध करें और फिर बसन्तु ऋतु में शनिवार के दिन रात्रि १२ बजे नग्न होकर बबूल के वृक्ष के नीचे आक (मदार) की लकड़ी जलाकर काले तिल और काले उड़द की आहुति दे और हवन करता रहे, यही मंत्र पढ़-पढ़ कर हवन करे तो प्रेत सम्मुख आकर उससे बातें करेगा, उस समय खूब दृढ़ होकर रहे और अपने हाथ को काटकर खून की साल बूँद वहीं पृथ्वी पर टपका देवे तो प्रेत वश में हो जायेगा ।