एडुअर्ड बिली मायर और उड़नतश्तरियां | Billy Eduard Meier |Billy Meier | Eduard Billy Meier and the Flyers

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एडुअर्ड बिली मायर और उड़नतश्तरियां | Billy Eduard Meier |Billy Meier | Eduard Billy Meier and the Flyers

फोटोग्राफी कला में हालांकि अभूतपूर्व विकास हुआ है, लेकिन एडुअर्ड बिली मायर द्वारा खींचे गए फोटोग्राफ्स पर आसानी से विश्वास नहीं किया जा सकता है । ये ऐसे फोटोग्राफ्स हैं, जो साबित करते हैं कि बिली मायर ने उड़नतश्तरियों के माध्यम से पृथ्वी से ५०० प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक ग्रह के निवासियों से मित्रता करने में सफलता पा ली है।

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शौकिया फोटोग्राफर बिली अपंग है । उसका एक हाथ नहीं है तथा सिर्फ पेंशन से ही पत्नी व तीन बच्चों की आजीविका चलाते हैं । उनके पास “सेमजसे” नामक अन्य ग्रह की एक महिला के हाथ की लिखावट मौजूद है, जिसमें ऐसे वैज्ञानिक तथ्य दिए गए हैं, जिसे कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति कभी तैयार नहीं कर सकता ।

बिली के अनुसार, अन्य ग्रहों के प्राणियों से पहली बार उनका संपर्क तब हुआ था, जब वह मात्र पांच वर्ष के थे । कुछ हफ्तों बाद उन्हें एक उड़नतश्तरी दिखाई पड़ी । फिर ऐसी तस्वीरें दिखाई देनी लगीं तथा ऐसी आवाजें सुनाई पड़ने लगीं, जिनके प्रति उनमें गहरी जिज्ञासा थी ।

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उन्हें टेलीपैथी के द्वारा पता चला कि ये प्राणी प्राचीन यूनानी पुराकथाओं में वर्णित एटलस की सात पुत्रियों की संतति प्लेडिमन्स है । बिली का कहना है कि उनकी उड़नतश्तरियां प्रकाश से भी कई गुना तेज गति से संपन्न हैं तथा ये प्राणी जब तश्तरी बनाकर उड़ा ले जा सकते हैं । बिली के गांव हिनविल के लोगों ने उड़नतश्तरी से उतरते हुए देखा है। बिली के पास अन्य ग्रहों से लाई गई ऐसी धातु है, जिसे धातु विशेषज्ञ पृथ्वी पर दुर्लभ बताते हैं ।


ईसा मसीह की क्रूस मूर्ति से रक्त बहना | Blood Flowing From the Cross Statue of Jesus Christ


इस संसार में अभी जितना कुछ जाना जा चुका है, उससे अनेक गुना ज्यादा अज्ञात है । जो ज्ञात हो चुका, उसे लौकिक की श्रेणी में रख दिया गया है तथा जिनके रहस्य प्रकट होने बाकी हैं, उन्हें आश्चर्य, अचंभा, अज्ञात, अलौकिक जैसे नामों से पुकारा जाने लगा ।

ऐसे रहस्यों में प्रकृति तथा ब्रह्मांडगत पहेलियों से लेकर जड़-जगत के जड़ पिंडों की अद्भुत विशेषताएं सम्मिलित हैं । यही विशेषताएं यदा-कदा प्रकट तथा प्रत्यक्ष होकर लोगों को चमत्कारित करती रहती हैं ।

इसी तरह की एक घटना ब्राजील के पोटो एलिगए गिरजाघर में सन् १९६८ में प्रकाश में आई । उस चर्च में करीब तीन सौ साल पुरानी ईसा मसीह की लकड़ी की एक क्रूस मूर्ति रखी हुई है । उक्त दिन अकस्मात् उससे रक्त बहने लगा । कुछ ही समय में ईसा के हाथ, पैर, कंधे रक्तरंजित हो उठे । रक्त की परीक्षा करने पर वह मानवी रक्त पाया गया । आशंका के निवारण के लिए विशेषज्ञों ने मूर्ति की गहराई से खोजबीन की, किन्तु किसी तरह के संदेह की गुंजाइश नहीं मिली । रहस्य अब भी अनसुलझा बना हुआ है ।

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