उड़नतश्तरी की कहानी | उड़न तश्तरी का रहस्य | उड़नतश्तरी के बारे में | UFO Kya Hai

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उड़नतश्तरी की कहानी | उड़न तश्तरी का रहस्य | उड़नतश्तरी के बारे में | UFO Kya Hai

ब्राजील के दो टेलीविजन इंजीनियर मिगले वायना, जिसकी उम्र कोई ३५ साल की होगी तथा मैनुअल क्रूज, जो ३५ साल का था, दोनों की अंतरिक्ष के रहस्य जानने की उत्कृष्ट अभिलाषा रहती थी । दोनों ने मिलकर एक प्रयोगशाला बनाई तथा उसमें वे विभिन्न प्रकार के प्रयोग किया करते थे ।

कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने अंतरिक्ष वासियों को प्रेषित करने के कुछ सूत्र ढूंढ़ लिए थे । वे कितने सच थे, इस संबंध में कुछ कहा नहीं जा सकता है, किन्तु उनकी मृत्यु ऐसे रहस्यमय ढंग से हुई, जिस पर कई सवाल उठे ।

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अगस्त १९६६ की बात है, उक्त दोनों टेलीविजन इंजीनियर कैम्पोस से रियो-डी-जनेरियो (दक्षिणी अमेरिका) के लिए निकले । इसी साल साओ पोलो से कोई १०० मील उत्तर-पश्चिम की ओर आकाश में कोई गोलाकार वस्तु तेजी से चक्कर काट रही थी । बाद में उससे कोई द्रव्य निकला, जिससे करिपास कसबे की सारी सड़कें गीली हो गई । वैज्ञानिकों ने उस द्रव्य का विश्लेषण किया, तो यह पाया कि वह पिघला हुआ एवं शुद्ध द्रव्य था, जिसका अस्तित्व पृथ्वी से परे है ।

अनुमान है कि वह गोलाकार वस्तु कोई उड़नतश्तरी थी, जो किसी अन्य ग्रह से आई थी । उसमें बैठे हुए प्राणियों ने या तो प्रयोग के लिए या फिर संकेत देने की दृष्टि से ही वह द्रव्य पृथ्वी पर डाला होगा ।

दोनों इंजीनियर घर से ९ बजकर ३० मिनट पर निकले । क्रूज की पत्नी नेली ने एक हजार पाउंड के नोट को एक कागज में बांधकर क्रूज को दिए, जिससे वह आवश्यक वस्तुएं खरीद सके । उन्हें टेलीविजन के कुछ पुर्जे तथा कार खरीदनी थी । दोपहर के बाद दोनों नितराय शहर पहुंचे । वहां उन्होंने बरसाती कोट खरीदे । दुकानदार हैरान था कि इतनी भयंकर गर्मी में बरसाती कोट खरीदने का क्या कारण हो सकता है ?

वहां से चलकर दोनों एक होटल में आए तथा मिनरल वाटर की कुछ बोतलें खरीदीं । यह होटल विन्टेम पहाड़ी की तलहटी में है । वहां से निकलकर क्रूज तथा वायना, दोनों विन्टेम पहाड़ी पर चढ़ने लगे । उन्हें ऊपर चढ़ते हुए बहुत से लोगों ने देखा । होटल की नौकरानी मारिया सिल्वा ने उन्हें ३०० मीटर ऊंची पहाड़ी पर पहुंचते देखा तथा उसके बाद जो कुछ हुआ, वह अब तक भी लोगों के लिए महान् आश्चर्य एवं रहस्य का कारण बना हुआ है ।

जैसे ही दोनों पहाड़ पर चढ़े, कोई उड़नतश्तरी के आकार की वस्तु पहाड़ी पर उतरती दिखाई दी । उस समाचार की पुष्टि नगर के प्रमुख दलाल की पत्नी ग्रॉसिन्द्रा सूजा ने भी की है । उन्होंने लोगों को बताया कि कोई विचित्र वस्तु आकाश से विन्टेम पहाड़ी पर उतर रही थी । उसका रंग हरा, पीला तथा किनारे आग की तरह लाल रंग के थे ।

विन्टेम पहाड़ी घने जंगलों वाला स्थान है । पिछले कई वर्षों से वहां अकसर उड़नतश्तरियां देखी जाती रही हैं । कुछ लोगों की तो निश्चित धारणा ही हो गई है कि जिस तरह पृथ्वी वासी मंगल, शुक्र आदि ग्रहों में जाने के लिए चंद्रमा को स्टेशन बना रहे हैं, उसी प्रकार अन्य ग्रहवासियों ने ब्राजील के विन्टेम पहाड़ को यहां की परिस्थितियों के अध्ययन का स्टेशन बनाया है ।

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वहां प्रायः प्रतिदिन कोई न कोई विचित्र वस्तु आकाश से उतरती तथा कुछ देर ठहर कर चली जाती है । क्रूज तथा वायना के वहां पहुंचने के बाद लोगों ने उड़नतश्तरी तो देखी, किन्तु रात तक क्या हुआ, इस संबंध में कुछ पता नहीं चल पाया ।

प्रातः काल कुछ लड़के शिकार खेलने के लिए पहाड़ी पर चढ़े । वहां उन्होंने दोनों युवकों को मरा हुआ पड़ा देखा । बाद में आग की तरह यह खबर सारे शहर में फैल गई । पुलिस ने जाकर देखा, तो आश्चर्यचकित रह गई । उनकी मृत्यु बड़े ही रहस्यमय ढंग से हुई । दोनों बरसाती कोट पहने थे । परन्तु कोट के नीचे कपड़ों में जरा भी कहीं सिलवट नहीं थी, जिससे स्पष्ट है कि किसी से हाथापाई नहीं हुई । दोनों के शरीर में कोई घाव नहीं थे । उसके पास एक कागज का पर्चा पड़ा पाया गया, उसमें कई दिन के प्रयोग के लिए कुछ गोलियों के नाम लिखे थे, उससे यह आशंका हुई कि संभवतः उन्होंने कोई जहरीली औषधि खाई होगी, परन्तु अंत्यपरीक्षण में उनके शरीर में किसी प्रकार के जहर का कोई प्रभाव नहीं पाया गया था । लाश के पास दो मुखौटे भी थे, उनमें सांस लेने के छेद तो थे, पर आंखों के लिए कोई स्थान न था, कुछ रंगीन कागज भी बिखरे थे, उनमें कोई ऐसा सूत्र (फार्मूला) लिखा था, जिसका अर्थ कोई भी वैज्ञानिक नहीं निकाल पाया । दूसरे दो पर्चों में कुछ संकेत इस प्रकार थे – ‘रविवार, एक गोली खाने के बाद, सोमवार, नाश्ते के समय एक गोली का प्रयोग मंगलवार, खाने के बाद सायं ४.३० बजे, किसी सुरक्षित स्थान की खोज सायं ६.३० बजे, एक कैप्सूल निगलो । यदि जरूरत पड़े, तो तेज रोशनी से बचने के लिए मुखौटे का प्रयोग करो । आज हम ‘उनसे’ संपर्क बनाने में अवश्य सफल होंगे । इस प्रयास में कुछ भी हो सकता है।’

इन लिखित संदेशों का क्या अर्थ था ? किससे संपर्क बनाने का जिक्र दिया था ? जांच अधिकारी इस बात को समझ नहीं पा रहे थे । दोनों मृतक बरसाती कोट क्यों पहने हुए थे ? यह भी बड़ी अजीब बात थी । यह सब लोग जानते थे कि उस क्षेत्र में पिछले एक महीने से बरसात का नामोनिशान नहीं था । ऐसी स्थिति में दोनों का बरसाती कोट पहनने का क्या कारण हो सकता था ।

यह मामला इतना जटिल तथा रहस्यपूर्ण था कि इसको सुलझाने के लिए पुलिस ब्राजील के माने हुए अपराधशास्त्रियों की मदद मांगी, परन्तु बहुत कोशिश करने के बाद भी ब्राजील के चोटी के अपराधशास्त्री इस मामले में कोई ठोस राय नहीं दे पाए । पुलिस इंसपेक्टर जोस ब्रिटिक कोर्ट ने दोनों मुखौटे परीक्षण के लिए भेजे, पर उनमें किसी प्रकार की रेडियोधर्मी तरंगों की पुष्टि नहीं हुई । ब्रितानी कोर्ट का दावा था कि जब वे लोग पहाड़ी पर आकर खड़े हुए होंगे, तब उनसे कोई वस्तु टकराई होगी, पर इस स्थिति में भी उनके शरीर में कहीं कोई चोट के निशान तो होते । जिन परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हुई, उन्हें देखकर तो यही लगता है कि उनके साथ सुनियोजित प्रयोग किया जा रहा था ।

वायना के पिता ने उनके प्रयोग की कई विचित्र बातें बताई तथा उन्होंने यह आशंका व्यक्त की कि इन दोनों का अंतरिक्षवासियों से कोई रेडियो संबंध था तथा उनकी हत्या शायद इसलिए अंतरिक्षवासियों ने की, क्योंकि वह उड़नतश्तरियों की वास्तविकता के बारे में बहुत ज्यादा जान गए थे । जो सबसे आश्चर्य की बात है, वह यह कि उन पर्चों का खो जाना, जो पुलिस ने मृतकों के पास से प्राप्त किया । उन पर्चों को पुलिस ने तिजोरियों के अंदर पहरे में रखा था, परन्तु उन पर्चों को कोई बड़े ही रहस्यपूर्ण ढंग से निकाल ले गया था, उसका आज तक पता नहीं चल पाया ।

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