शाबर मंत्र | Shabar Mantra


ग्रामीण शाबर मंत्र | शाबर मंत्र सिद्धी कैसे करे | रक्षा शाबर मंत्र | हनुमान जी का शाबर मंत्र | माँ काली शाबर मंत्र | डाकिनी साधना मंत्र | जगदंबा शाबर साधना मंत्र | हर तरह के रोग को ठीक करने का शाबर मंत्र

शाबर मंत्रों के बारे में आप सभी ने सुना तो होगा, परंतु इसके उपयोग का कभी मौका और विधि नहीं मिली होगी | शाबर मंत्रों के बारे में यह कहा जाता है की ये मंत्र स्वयं में सिद्ध होते हैं और तुरन्त फलदायी | शाबर मंत्रो को पढ़ना बहुत ही आसान होता है क्योंकि ये बहुत ही सरल भाषा में होते हैं। ये मंत्र अनेक भाषाओं में पाए जाते हैं इस नाते अब तक लोग इन्हें मुस्लिम सूफियों द्वारा तैयार किया मानते थे | शाबर मंत्र दो तरह के होते हैं- पहला वह जिनका अर्थ ही समझ में न आए। दूसरा वह जो अपना अर्थ स्वयं पढ़ने के बाद खोल देते हैं। यह मंत्र शास्त्रीय मंत्रों की भांति कठिन भी नहीं होते और इतने आसान कि, इसका जो चाहे लाभ उठा सकता है। शाबर मंत्रों से हर एक समस्या का निराकरण किया जा सकता है। यदि बताई गई विधि के अनुसार इसका सही-सही प्रयोग किया जाए।

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शाबर मंत्र | Shabar Mantra

ग्रामीण शाबर मंत्र

शाबर मंत्र सिद्धी कैसे करे

रक्षा शाबर मंत्र

शरीर रक्षा शाबर मंत्र

रक्षा कवच शाबर मंत्र

शाबर रक्षा मंत्र

हनुमान जी का शाबर मंत्र

हनुमान साधना मंत्र

हनुमान शाबर सिद्धी मंत्र

हनुमान शाबर रक्षा मंत्र

माँ काली शाबर मंत्र

काली शाबर मंत्र साधना

काली साधना | डाकिनी साधना मंत्र

जगदंबा शाबर साधना मंत्र

काली शाबर साधना

कान दर्द का शाबर मंत्र

पीलिया झाड़ने का शाबर मंत्र

बवासीर का शाबर मंत्र

हर तरह के रोग को ठीक करने का शाबर मंत्र


ग्रामीण शाबर मंत्र


शाबर मंत्रो मे सुधार की भी जरूरत नहीं होती, क्योंकि ये आमतौर पर ग्रामीण भाषाओं में होते हैं और अधिकतर मंत्रों में हनुमान या काली से ही इन शाबर मंत्रों के द्वारा कार्य सिद्ध किए जाने की प्रार्थना की जाती है।

आप नियमपूर्वक शुद्ध उच्चारण के द्वारा संयम पूर्वक रहकर यदि इन्हें सिद्ध करना चाहें तो बड़े आराम से कर सकते हैं। जिन्हें मंत्रों में रूचि हो, भगवान में विश्वास हो, तो वे इन्हें स्वयं सिद्ध कर इनका लाभ उठा सकते हैं और आनेवाली पीढ़ी को भी इससे अवगत करा सकते हैं, क्योंकि भावी पीढ़ी पश्चिमी सभ्यता में रंगकर भारतीय संस्कृति का मजाक उड़ाने लगी है। सीता, सावित्री के बजाये मरियम और तुलसी, सूर, कबीर, कालिदास से बड़ा शैक्सपीयर को मानते हैं। कुछ महत्वपूर्ण शाबर मंत्रों का उल्लेख व उसका विधि जन कल्याणार्थ के लिए यहा दिए गए है । पाठकगण स्वयं इसका लाभ ले सकते है|


शाबर मंत्र सिद्धी कैसे करे


शाबर मंत्र सदैव एक ही स्थान पर बैठकर सिद्ध करना चाहिए। इसके लिए जरूरी है जहां मंत्र जपा जाये उस स्थान को दोष मुक्त कर अला-बला से भी मुक्त कर लिया जाये । साथ ही ऐसा करने से साधक की भी रक्षा होती है। इस तरह के जो शाबर मंत्र होते हैं उन्हें रक्षा मंत्र भी कहा जाता है | मंत्र अनेक है और इनकी विधियां भी अलग-अलग है :


रक्षा शाबर मंत्र


राम कुंडली, ब्रम्हाचाक
तेतीस कोटि देवा-देवा अमुक की बेडिया
अमुकेर झंकेर बाणकाटम
शर काटम
संधार काटम
कुज्ञान काटम
कारवणे काट
राजा राम चंद्रेर वाणे काटे
कार आज्ञा
ऐई झंडी अमुकेर झंगे शीघ्र लागूगे।

इस मंत्र का उच्चारण करके जहां बैठकर मंत्र जपें अपने चारों तरफ रेखा खीचने से सदेव रक्षा-सुरक्षा बनी रहती है। सभी रक्षा मंत्रों की बैठते समय सबसे पहले आसन बिछाकर पांच मालाएं फेरनी चाहिए, इसके बाद मूल मंत्र नियमानुसार जपना चाहिए।


शरीर रक्षा शाबर मंत्र


बाघ बिजुली सर्प चोर
चारिउ बांधौ एक ठौर
धरती माता
आकाश पिता
रक्ष रक्ष श्री परमेश्वरी कालिका
की वाचा
दुहाई महादेव की ।

इस मत्र की पांच माला जपकर तीन बार ताली बजाने से बाघ, बिजली, सांप, चोर आदि से भी रक्षा होती है।


रक्षा कवच शाबर मंत्र


झाड़ि-झाड़ि कापड़ पिन्दि
वीर मुष्टे बांधि बाल
बुले एलाम मशान भूम होत भैरव
काटार हाते
लोहार बाड़ी
बाम हाते चाम दड़ि
आज्ञा दिल राजा चुड़ं हाते
लोहार किला
मुगदर धिनि
विगति घुडिकार आज्ञे
राजा चुडंगर आज्ञे
विग्लि घुंड़ि ।

इस मंत्र के प्रभाव से शरीर की समस्त प्रकार की उपाधियों से रक्षा होती है। ओझाओ के द्वारा वापसी करतब का मारण, करतब, हांडी, मूठ आदि से पूरी तरह सुरक्षा होती है। इस मंत्र की सात मालाएं फेरकर अपने चारों तरफ रेखा खींच लें, सभी तरह की रक्षा बनी रहती है।


शाबर रक्षा मंत्र


ओउम नमः ब्रज का कोठा
जिसमे पिंड हमारा पेठा
ईश्वर कुंजी
ब्रम्हा का ताला
मेरो आठो याम का यती हनुमंत रखवाला |

यह मंत्र अभी तक तांत्रिकों में पूर्ण सम्मान के साथ प्रयोग किया जाता है । इसकी पांच माला जपने से चारों तरफ घेरा खींचकर रक्षा होती है |


हनुमान जी का शाबर मंत्र


ओउम हनुमान पहलवान
वर्ष बारह का जवान
हाथ में लडडू मुख में पान
आओ आओ बाबा हनुमान
न आओ तो दुहाई महादेव गौरा पार्वती की
शब्द सांचा
पिंड कांचा
फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

इस मंत्र का अनुष्ठान मंगलवार से प्रारंभ करें। हनुमानजी को सिंदूर का चोला, जनेऊ, खड़ाऊं, लंगोट, दो लड़्डू और ध्वजा किसी हनुमान मंदिर में चढ़ावें। इसके बाद प्रत्येक मंगलवार को व्रत रखें। लाल वस्त्र धारण करें तथा लाल चंदन की माला से सवा लाख जप करें। शनिवार को चने और गुड़ का प्रसाद बांटे। सदा ब्रहाचर्य का पालन कर पवित्र रहें। यह सभी जप तीन महींने के भीतर अवश्य कर लें। सवा लाख जप पूरे होने के बाद हनुमानजी दर्शन देंगे, उस समय जो चाहें मांग लें। घबराएं बिल्कुल नहीं।


हनुमान साधना मंत्र


ओउम नमो देव लोक दिविख्या देवी
जहां बसे इस्माईल योगी
छप्पन भैरों
हनुमत्त वीर
भूत प्रेत दैत्य को मार भगावे
पराई माया ल्यावे
लाडू पेड़ा बर्फी सेव सिंघाड़ा पाक बताशा
मिश्री घेवर जालूसाई लोंग डोडा इलायची दाना
तेल देवी काली के ऊपर
हनुमत्त गाजे
एती वस्तु मैं चाहि लाव
न लावे तो तैंतीस कोटि देवता लावे
मिरची जावित्री जायफल हरड़े जंगी-हरड़े
बादाम छुहारा मुफरें
रामवीर तो बतावें बस्ती
लक्ष्मण वीर पकड़ावे हाथ
भूत-प्रेत के चलावे हाथ
हनुमत्त वीर को सब कोऊ गाव
सो कोसो का बस्ता लावे
न लावे तो एक लाख अस्सी हजार वीर पैगंबर लावे
शब्द सांचा
फुरो मंत्र ईश्वरों वाचा।

इस मंत्र को सिद्ध करने के लिए किन्हीं निर्जन स्थान में जहां अंधा कुआं नजर आये, वहां पर शुद्ध मिट्टी में लाल रंग मिलाकर हनुमानजी की प्रतिमा बनायें और उसे सिंदूर का चोला चढ़ाकर २१ दिन के भीतर सवा लाख मंत्र जपे। ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए संयमी रहें सवा लाख जप के बाद हो सकता है राम दूत स्वयं हाजिर हो जाएं। यदि वे नहीं आये तो सैकड़ों मेघों की गर्जन करते हुए आकाशवाणी होगी इसे ध्यान से खुने और यदि कर सके तो उस समय उनसे तीन वचन अवश्य ले ले। यह पक्का मंत्र है।


हनुमान शाबर सिद्धी मंत्र


अजरंग पहनू
बजरंग पहनू
सब रंग रखू पास
दायें चले भीम सैन
बाएं हनुमंत
आगे चलो काजी साहब
पीछे कुल बलारद
आतर चौकी कच्छ कुरान
आगे पीछे तू रहमान
घढ़ खुदा, सिर राखे सुलेमान
लोहे का कोट
तांबे का ताला
करला हंसा जीरा
करताल बसे समुद्र तीर
हांक चले हनुमान की
निर्मल रहे शरीर ।

साधना से पहले मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में एक लंगोट, लड्डु, सिंदूर, खड़ाऊ चढ़ाकर ही साधना प्रारंभ करें। २१ दिनों में सवा लाख मंत्रों का जप कर लें। सवा लाख मंत्र पूरे होने के बाद हनुमानजी किसी भी रूप में आ सकते हैं। श्रद्धा व विश्वास के साथ संयम पूर्वक साधना जारी रखें और उन्हें पहचानने का प्रयाश करें। जो चाहे मांग लें।


हनुमान शाबर रक्षा मंत्र


हनुमान जाग
किलकारी मार
तू हुंकारे
राम काज संवारे
ओढ़ सिंदूर सीता मइया का
तू प्रहरी रामद्वारे
मैं बुलाऊं, तू अब आ
राम गीत तू गाता आ
नहीं आये हनुमाना तो राजा राम
सीता मइया की दुहाई
मंत्र सांचा फुरे खुदाई।

इस मंत्र को भी हनुमान मंदिर में ऊपर लिखी वस्तुओं की भेट चढ़ाकर मंगलवार से ही शुरू करें। सवा लाख मंत्र पूरे होने पर हनुमानजी स्वप्न में दर्शन देंगे | स्वप्न मे ही वह आशीर्वाद भी देंगे | हो सके तो उस समय जो चाहे मांग ले | ध्यान रहे हनुमान साधना मे संयम और ब्रहाचर्य का विशेष ध्यान रखा जाता है |


माँ काली शाबर मंत्र


की कालिका षोड़स वर्षीय जवान
हाथ में खड़ग खप्पड़ तीर कमान
गले में नर मुंड माला रहे श्मशान
आओ आओ मां कालिका मेरा कहना मान
नहीं आये कालिका तो काल भैरव की दुहाई
शब्द सांचा फुरो मंत्र खुदाई

इस मंत्र की साधना शनिवार की अ्द्धरात्रि से शुरू की जाती है। साधक किसी एकांत कमरे में रक्षा मंत्र पढ़ने के बाद मां काली का चित्र आगे रखकर धूप, दीप, जलाकर निर्वस्त्र होकर पांच लाख मंत्र जपें । तीन माह में यह जप पूरा हो जाना चाहिए। मां काली मंत्र पूरा हो जाने पर अवश्य दर्शन देंगी। इस साधना में बीच में बाधा नहीं आनी चाहिए। यानि प्रति रात्रि यह जप चलता रहना चाहिए।


काली शाबर मंत्र साधना


ओउम काली घाटे काली मां
पतित पावनी काली मां
जवा फूले
स्थूरी जले
सेई जवा फूल में सीआ बेड़ाए
देवीर अनुर्बले
एहि होत करिवजा होइवे
ताहि काली धर्मेर
बले काहार आज्ञा राठें
काली का चंडीर आसे

इस मंत्र को सवा लाख जप सिद्ध कर लें। इसके बाद यह सिद्ध हो जाता है। मंत्र सिद्ध हो जाने के बाद जब भी कोई काम करने जायें इस मंत्र की एक माला फेरकर अपनी दाई हथेली में फूंक मारे। इस हाथ से जो भी काम करेंगे, मां काली की कृपा से अवश्य पूर्ण होगा।


काली साधना | डाकिनी साधना मंत्र


ओउम स्यार की खवासिनी
समंदर पार धाई
आव, बैठी हो तो आव
ठाड़ी हो तो ठाड़ी आव
जलती आ
उछलती आ
न आये डाकिनी तो जालंधर पीर की आन
शब्द सांचा
पिंड कांचा
फुरे मंत्र ईश्वरो वाचा।

यह मंत्र किसी निर्जन चौराहे पर या अपने निवास पर पूर्णतः निर्वस्त्र होकर आसन पर बैठकर जपा जाता है। मांस व मंदिरा भोग के लिए पास में रखें। चर्बी का दीपक जलायें और मंत्र का पाठ करते रहें । जब २१ मालाएं हो जाये तो अपने हाथों पीली सरसों लेकर सभी दिशाओं में फेंक दें और पुनः मंत्र का जप आरंभ कर दें। आसपास की सभी डाकिनियां दौड़ती हुई आएंगी और मांस मदिरा का सेवन करायें। जब वे खा-पीकर प्रसन्न हो जायें तो वर मांगने के लिए कहेंगी उस समय जो चाहें मांग लें। डरें बिल्कुल नहीं। इसलिए पहले रक्षा मंत्र से गोल घेरा खींच लें।


जगदंबा शाबर साधना मंत्र


सातो सती शारदा
बारहा वर्ष कुमार
एक माई परमेश्वरी
चौदह भुवन द्वार
द्विपक्ष का निरमली
तेरहा देवी देव
अष्टभैरों तेरी पूजा करें
ग्यारहों रुद्र कर सेव
सोलह कला संपूर्णी
त्रिलोकी वश करे
दश अवतारा उतरी
पांचों रक्षा करे
नौ नाथ षट् दर्शनी
पंद्रह तिथि जान
चार युग में सुमरू
माता कर पूर्ण कल्याण

इस मंत्र का माता की मूर्ति (चित्र) के आगे धूप-दीप जलाकर सवा लाख मंत्र जपकर सिद्ध कर लें। इसके बाद कहीं भी किसी काम से जाना हो तो इस मंत्र का केवल पांच बार उच्चारण कर प्रस्थान करें, कार्य अवश्य सिद्ध होगा। यदि आप नियमित रूप से घर में पूजा करते हैं तो एक माला प्रतिदिन इस मंत्र को भी अवश्य जपें । मां जगदंबा सदैव सहायक बनी रहेंगी।


काली शाबर साधना


ओउम काली-काली महाकाली
इंद्र की बेटी ब्रह्मा की साली
उड़ बैठी पीपल की डाली
दोनों हाय बजावे ताली
जहां जाये ब्रज की ताली
वहां न आवे दुश्मन हाली
दुहाई कामरू कामाक्षा नैना योगिनी की
ईश्वर महादेव गौरा पार्वती की
दुहाई वीर मसान की।

इस मंत्र को भी काली के चित्र के आगे धूप दीप जलाकर सवा लाख जपकर सिद्ध कर लें। इसके बाद जब भी कहीं जाना हो तो ५ बार इस मंत्र को जपकर तीन बार ताली बजाने से सब तरह से सुरक्षा बनी रहती हैं। जब भी कहीं यात्रा पर निकलें तब इसका प्रयोग अवश्य करें। सुरक्षा बनी रहेगी।

शाबर मंत्रों का जन्म प्रायः सिद्ध साधकों के द्वारा ही हुआ है। यही कारण है कि मंत्र के समापन के समय देवता को विकट आन दी जाती है। जैसे बालक हठपूर्वक अनर्गल बातें कहकर अपना काम निकाल लेता है ठीक उसी तरह सिद्ध साधकों ने शास्त्री मंत्रों का सहारा न लेकर अपनी समस्या को अपनी ही भाषा में कहा और उस समस्या की पूर्ति न होने की स्थिति में एक हठी बालक की तरह आन कहकर अपनी समस्या की पूर्ति कर ली।

शाबर मंत्र अपने आप में एक शक्ति है, यह सफलता में प्रभावी है इसीलिए तांत्रिक आजकल इनका अधिक प्रयोग करने लगे हैं। शाबर मंत्र का प्रयोग कभी बेकार नहीं जाता। इन मंत्रों के प्रयोग करने के लिए गुरू की आवश्यकता नहीं होती। इनका विधान भी आसान है। अनेक बीमारियों के इलाज, वशीकरण, उच्चाटन, मारण में भी सहायक हैं। यदि किसी पाठक को इनमें से किसी मंत्र की आवश्यकता हो तो उन्हें लिखकर भेजा जा सकता है।

यहा अनेक दुर्लभ बीमारियों के इलाज आदि में काम आनेवाले शाबर मंत्रों को बताया जा रहा है ।


कान दर्द का शाबर मंत्र


ओउम कनक प्रहार
अंधर छार
प्रवेश कर डार डार
पात-पात झार-झार
मार-मार
हुंकार-हुंकार
शब्द सांचा पिंड कांचा ओउम क्रीं क्री

इस मंत्र को सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए सांप के बिल की मिट्टी लाकर उसे २१ वार इस मंत्र से शक्तिकृत करें और फिर इस मंत्र का सात बार जप करके वह मिट्टी उस कान से लगायें, तो कान का दर्द ठीक हो जाता है।


पीलिया झाड़ने का शाबर मंत्र


ओउम नमो आदेश गुरू का
श्री राम सर साधा
लक्ष्मण साधा बाण
काला पीता रीता
नीला थोथा पीला
पीला चारों झड़े तो रामचंद्र जी रहै नाम
मेरी भक्ति
गुरू की शक्ति
फुरे मंत्र ईश्वरो वाचा।

इस मंत्र को भी पहले ११ हजार जपकर सिद्ध कर लें। इसके बाद किसी पीलिया के रोगी को झाड़ते समय कांसे के पात्र में जल भरके नीम के पत्ते को सरसों के तेल में भिगोकर रोगी का इस मंत्र से जाप करता हुए सात बार झाड़ा करें। शीघ्र ही रोगी को स्वस्थ लाभ होने लगेगा ।


बवासीर का शाबर मंत्र


ओउम काका कता क्रोरी कर्त्ता
ओउम करता से होय
यरसना दश हंस प्रगटे
खूनी बादी बबासीर न होय
मंत्र जान के न बताये
द्वादश ब्रह्म हत्या का पाप होय
लाख जप करें तो उसके वंश में न होय
शब्द सांचा
पिंड कांचा
हनुमान का मंत्र सांचा
फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

पहले इस मंत्र को सवा लाख जपकर सिद्ध कर लिया जाता है। इसके बाद जिसे बवासीर हो उसे ठीक करना हो तो रात को एक लोटा पानी लेकर रख लें और सुबह इस मंत्र से उस पानी को अभिमंत्रित कर लें तब रोगी को कहें कि इस पानी से गुदा की सफाई करे। ऐसा २१ दिन तक करने से खूनी तथा बादी दोनों तरह की बवासीर जड़ से ठीक हो जाता है।


हर तरह के रोग को ठीक करने का शाबर मंत्र


वन में बैठी बानरी
अंजनी जायो हनुमंत
बाल डमरू ब्याही बिलाई
आंख की पीड़ा
मस्तक पीड़ा
चौरासी बाई
बलि-बलि भस्म हो जाये
पके न फूटे
पीड़ा करे तो गोरखयती रक्षा करे
गुरू की शक्ति
मेरी मक्ति
फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा ।

छोटे-मोटे रोगो के लिए यह सबसे आसान शाबर मंत्र है | इस मंत्र की केवल एक माला जपते हुए रोगी को झाड़ा करे तो उसके समस्त छोटे-मोटे रोग नष्ट हो जाते है |


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